हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के मरोतन (मल्होट) से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और वफादारी की परिभाषा को एक साथ झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां एक इंसान ने साथ रहने वाले अपने ही साथी की बेरहमी से हत्या कर दी, वहीं दूसरी ओर मृतक के पालतू कुत्तों ने पूरी रात अपने मालिक के शव की ढाल बनकर रखवाली की।
जानकारी के अनुसार मल्होट के पास जंगल किनारे एक खेत में डेरा डाले हुए गद्दियों (भेड़ पालकों) के बीच यह खूनी संघर्ष हुआ। मृतक की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। आरोपी, जिसे मृतक ने खुद काम पर रखा था, उसने रात के अंधेरे में सोते हुए मालिक पर तेजधार हथियार (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि गर्दन शरीर से लगभग अलग हो गई थी, ताकि शोर मचाने या तड़पने का मौका न मिले। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
इस पूरी घटना में सबसे भावुक कर देने वाला पहलू उन कुत्तों की वफादारी रही। जब सुबह पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दो कुत्ते मालिक के बेजान शरीर को घेरकर बैठे थे, जबकि तीसरा कुत्ता भेड़-बकरियों की पहरेदारी कर रहा था। पूरी रात कुत्तों ने शव को जंगली जानवरों से बचाए रखा। जब ग्रामीणों और समाचार संवाददाताओं ने शव के करीब जाने की कोशिश की, तो वफादार कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया और किसी को फटकने नहीं दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से हटाया, जिसके शव काे कब्जे में लिया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि ये लोग मात्र 4-5 दिन पहले ही यहां आए थे। स्थानीय पंचायत सदस्य की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम्स अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि चंद दिनों के साथ ने खूनी रंजिश का रूप ले लिया। फिलहाल, इलाके में इस दर्दनाक कांड और बेजुबान कुत्तों की अटूट वफादारी की चर्चा हर जुबान पर है।







