हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी के खिलाफ पुलिस के अभियान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला सिरमौर के पुलिस थाना कालाअंब के तहत पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान पंजाब के 2 युवकों को 294 ग्राम चिट्टे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। बरामदगी की यह मात्रा इतनी अधिक है कि इसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। इस कार्रवाई को एक बड़े अंतर्राज्यीय नशा तस्कर गिरोह के खात्मे की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को खुफिया तंत्र से नशा तस्करी की पुख्ता भनक लग गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने पूरी सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कालाअंब क्षेत्र में ट्रैप लगाया। इस दौरान वहां से गुजर रहे दो संदिग्ध युवकों को रोककर जब उनकी सघन तलाशी ली गई, तो उनके पास से 294 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मात्रा किसी आम नशेड़ी की नहीं हो सकती, बल्कि यह सीधा संकेत है कि आरोपी एक बड़े संगठित गिरोह के गुर्गे हैं। पुलिस अब रिमांड के जरिए यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप पंजाब के किस इलाके से लाई गई थी और हिमाचल में किन-किन लोगों को इसकी सप्लाई दी जानी थी। इस जांच में कई सफेदपोशों और बड़े सप्लायर्स के बेनकाब होने की संभावना है। बता दें कि प्रदेश में चिट्टे का बढ़ता जाल समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए नासूर बन चुका है। लगातार हो रही भारी बरामदगियां बता रही हैं कि नशा माफियाओं की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक सिरमौर एनएस नेगी ने कहा कि यह पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ हमारा अभियान लगातार और अधिक आक्रामकता के साथ जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति युवाओं की जिंदगी से खेलने वाले इस काले कारोबार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








